Ahmedabad Verdict : अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में बड़ा फैसला, 38 को फांसी, 11 को उम्रकैद की सजा

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Ahmedabad Verdict: Big verdict in Ahmedabad serial blasts case, 38 hanged, 11 sentenced to life imprisonment

अहमदाबाद, 18 फरवरी : गुजरात के अहमदाबाद में 2008 में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में एक विशेष अदालत ने घायलों को मुआवजे के साथ-साथ 49 दोषियों को सजा का ऐलान करते हुए 38 को मौत और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

बम विस्फोट मामले में 13 साल बाद आए फैसले में स्पेशल जज एआर पटेल ने 7 हजार 15 पेज का फैसला सुनाया. बता दें कि अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट ने सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी।

वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा के लिए कोर्ट ऑफ अपील में अपील की थी। गौरतलब है कि अहमदाबाद विस्फोट मामले में सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एआर पटेल ने 8 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 49 आरोपियों को दोषी ठहराया था।

अदालत ने 77 में से 28 आरोपियों को बरी कर दिया था। आपको बता दें कि साल 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इस घटना में 56 लोगों की मौत हो गई, साथ ही 200 लोग घायल हो गए।

यह दिल दहला देने वाली घटना 26 जुलाई 2008 को घटी थी। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए 21 सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इन धमाकों की गूंज से हर कोई स्तब्ध था।

घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा

अदालत ने मृतकों के परिजन को एक-एक लाख रुपये, घायलों को 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

सिलसिलेवार धमाकों में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 244 लोग घायल हो गए थे। घायलों में अहमदाबाद शहर के भाजपा नेता प्रदीप परमार थे, जिन्हें अब राज्य सरकार ने सामाजिक और न्याय मंत्री बनाया है।

फैसला 8 फरवरी तक टला

पहले 2 फरवरी को इस मामले में फैसला आना था, लेकिन विशेष अदालत के जज एआर पटले के कोरोना से संक्रमित होने के बाद इसे 8 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया।

26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में एक घंटे के भीतर 21 बम धमाके हुए. अहमदाबाद पुलिस ने इस मामले में 20 प्राथमिकी दर्ज की थी।

वहीं, सूरत में भी 15 और एफआईआर दर्ज की गईं। इन बम धमाकों में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी ने सभी आतंकियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।

19 दिन में 30 आतंकी गिरफ्तार

उस दौरान प्रदेश के मौजूदा डीजीपी आशीष भाटिया के नेतृत्व में स्मार्ट अफसरों की टीम बनाई गई थी। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अहमदाबाद पहुंचे।

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बता दें कि 28 जुलाई 2008 को विस्फोट मामले की जांच के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था. महज 19 दिनों के अंदर पुलिस ने 30 आतंकियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

इसके बाद बाकी आतंकियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अहमदाबाद में हुए इन धमाकों से पहले आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की इसी टीम ने जयपुर और वाराणसी में धमाकों को अंजाम दिया था।