अल्लाह बेहतर भगवान हैं : मैथ का सवाल हल न होने पर टीचर ने इस्लामी तरीके से करवाई दुआ | स्कूल प्रबंधन का इनकार

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Allah is a better God: Math teacher forced her to pray in an Islamic

बंगलौर : एक स्कूल में एक बच्ची को सजा देने के लिए इस्लामिक तरीके से नमाज अदा करने के लिए कहा गया। कथित तौर पर ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल की गणित की शिक्षिकापर यह आरोप लगाया जा रहा है।

बच्ची एक सवाल हल नहीं कर पाई, तब छात्रा से पूछा कि वह अल्लाह के नाम से दुआ करे और इस बारे में किसी को कुछ न बताए। प्रबंधन ने स्कूल पर लगे आरोपों से इनकार किया है.

बता दें कि बेंगलुरु स्कूल में ‘शिक्षा जिहाद’ से संबंधी ये मामला विक्रम सिम्हा द्वारा रिकॉर्ड की गई वीडियो के बाद चर्चा में आया जिसमें उनकी बेटी बता रही थी कि कैसे उनकी मैथ टीचर उन्हें हाथों को आधा खोलकर (कटोरे की तरह) अल्लाह से दुआ माँगने के लिए कहती है।

बच्ची वीडियो में कहती हैं, “मैथ की प्रॉब्लम बहुत कन्फ्यूज करने वाली थी। हम उसे नहीं कर पा रहे थे। इसलिए टीचर ने कहा कि हम अल्लाह से दुआ माँगे। हमने बताया कि हम हिंदू हैं और अल्लाह की प्रार्थना नहीं कर सकते। इस पर टीचर ने हमें डांटा और हाथ को आधा खोलकर दुआ करने को कहा।” बच्ची के मुताबिक, सारिका राणा नाम की टीचर ने उन्हें कहा था कि अल्लाह बेहतर भगवान हैं और वो सब उन्हीं से दुआ माँगें।

स्कूल का बयान

स्कूल ने बच्ची के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो में बच्ची झूठ बोल रही है और स्कूल के शिक्षक किसी भी तरह के मजहबी अभ्यास का प्रचार-प्रसार नहीं करते।

Journalist Of India

स्कूल के आधिकारिक बयान के अनुसार, “हमने माता-पिता से बात की है। ऐसी कोई घटना मैथ क्लास में नहीं हुई क्योंकि टीचर अपने विषय पर ही फोकस करती है। उसने कभी मजहब के बारे में नहीं कहा।”

ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल ने कहा, “स्कूल प्रशासन ने इस मामले में पता लगाने के लिए तेजी से गहन जाँच की, जिसके बाद पता चला कि शिक्षिका खुद भी उस धर्म का पालन नहीं करती जिसे बढ़ावा देने की बात कही जा रही है।

बच्चे और माता-पिता द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। हमने क्लास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए हैं और दूसरे बच्चों से भी बात की है। उन सभी ने ऐसी किसी भी घटना के होने से इनकार किया है।”

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वहीं हाथ को आधा खोलकर दुआ पढ़ने की क्रिया को स्कूल ने व्यायाम कार्य कहा है। स्कूल ने कहा, “यह ऑनलाइन सत्रों के दौरान आयोजित दो मिनट का नेत्र व्यायाम है, जिसका उद्देश्य बच्चों की आँखों को स्क्रीन से आराम देना है।”

विक्रम सिम्हा का आरोप

बता दें कि विक्रम सिम्हा की एक अन्य वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद स्कूल ने अपना ऑफिशियल ट्विटर हैंडल लॉक कर दिया है। सिम्हा ने कहा कि स्कूल ने जो भी बयान दिया है वो सच नहीं है। हालाँकि ये बात सही है कि उनकी स्कूल प्रशासन से बात हुई लेकिन ये भी सच है कि उनकी बेटी को स्कूल ने नहीं बोलने दिया।

एक अन्य वीडियो में उन्होंने कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल ने बच्चों की एक नहीं सुनी। साथ ही छात्रा ने निडर होकर सारिका राणा ने जो कहा वह भी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक ने कहा था कि ‘अल्लाह एक बेहतर भगवान हैं’।

उन्होंने किसी भी व्यायाम गतिविधि से इनकार किया। उसने कहा कि वह जानते है कि 2 मिनट का नेत्र व्यायाम कैसे करना है जिसमें हाथों को रगड़कर आंखों पर रखना है, लेकिन शिक्षक ने हाथ को कटोरे की तरह हिलाया और अल्लाह से दुआ मागने के लिए कहा।

अब इस वीडियो पर बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता बच्ची के समर्थन में उतर आए हैं और स्कूल से शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि अभी इस मामले में पुलिस ने संज्ञान नहीं लिया है।