Assembly Elections 2022 : चुनाव आयोगने कोरोना को लेकर सख्त किए नियम, राजनीतिक दलों को सता रहा इस बात का डर

206
Assembly Elections 2022: Election Commission tightens rules regarding Corona, fear of political parties being harassed

Assembly Elections 2022 : चुनाव आयोग (Election Commission) ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है।

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर (Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand, Goa and Manipur) में सात चरणों में चुनाव कार्यक्रम पूरे होंगे।

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में, मणिपुर में दो चरणों में और उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में एक-एक चरण में मतदान होगा।

पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होगा और सभी राज्यों में 10 मार्च को मतगणना होगी. चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता भी लागू कर दी है और चुनाव के दौरान कोविड दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कब्जा कर रही है बीजेपी- अखिलेश

चुनाव आयोग ने कोविड के खतरे को ध्यान में रखते हुए इस बार चुनावी रैलियों पर रोक लगा दी है। केवल वर्चुअल रैलियों की अनुमति है। सोशल मीडिया पर बीजेपी की काफी मजबूत पकड़ है।

ऐसे में राजनीतिक दलों को डर है कि बीजेपी इसका फायदा उठा सकती है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कब्जा कर रहे हैं।

वर्चुअल माध्यम से प्रचार करने के संबंध में अखिलेश ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं के पास वर्चुअल रैली करने के लिए संसाधन नहीं हैं, वे कैसे करेंगे। जो छोटे दल हैं उन्हें जगह कैसे मिलेगी?

यूपी से भाजपा का साफ होना तय

चुनाव आयोग द्वारा 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अखिलेश यादव ने कहा है कि ये तारीखें बदलाव लेकर आनेवाली हैं। इसकी शुरुआत 10 फरवरी से हो रही है और परिणाम 10 मार्च तक आ जाएगा।

चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन किया जाएगा। 10 मार्च के बाद यूपी से बीजेपी का सफाया होना तय है. उत्तराखंड कांग्रेस नेता हरीश रावत का कहना है कि चुनाव लड़ने वाले 45 उम्मीदवारों के नामों की सूची पर सहमति बन गई है। हम देखेंगे कि अन्य राजनीतिक दल कैसे एक साथ आ रहे हैं, हम अपने शेष उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी करेंगे।

चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से करें काम – मल्लिकाअर्जुन

कांग्रेस नेता मल्लिकाअर्जुन ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए और हम अनुरोध करते हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम करे। हम भविष्य में देखेंगे कि वे कैसे काम करते हैं और विपक्ष और सरकार से कैसे निपटते हैं।

मायावती की अपील

वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने सत्तारूढ़ दल की ओर से आचार संहिता के उल्लंघन की संभावना को देखते हुए आयोग से अपील की है, खासकर सत्ताधारी पार्टी द्वारा हर चुनाव में नए-नए हथकण्डे अपनाकर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने की प्रवृति घातक रूप से आम होती जा रही है। जिस पर इस चुनाव में पूरी गंभीरता से ध्यान देने एवं तत्परता के साथ उसके विरुद्ध कारर्वाई करने की चुनाव आयोग से ख़ास अपील।

चुनाव के दौरान कोविड-दिशा-निर्देशों को पूरी तरह लागू किया

  • 15 जनवरी 2022 तक सभी प्रकार की प्रत्यक्ष रैलियों, साइकिल और मोटरसाइकिल रैली, पद यात्राओं, नुक्कड़ सभाओं, जनसभाओं इत्यादि पर रोक रहेगी।
  • चुनाव में भाग लेने वाले दल वर्चुअल रैलियों के माध्यम से प्रचार कर सकेंगे।
  • स्थिति पर 15 जनवरी को समीक्षा करने के बाद पाटिर्यों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
  • राजनीतिक दल रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक कोई रैली नहीं कर सकेंगे।
  • रैली के समय राजनीतिक दल कोविड के नियमों के तहत जनता को मास्क उपलब्ध करायेंगे।
  • डोर टू डोर कैम्पेन के लिए पांच लोगों की इजाज़त होगी, साथ ही प्रचार में कोविड गाइडलाइन का ध्यान रखना जरूरी है।
  • केंद्रों पर मौजूद सभी कर्मचारियों दोनों डोज ले चुके होंगे, जरूरत पड़ने पर बूस्टर डोज की व्यवस्था होगी।
  • चुनाव में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्रंट लाइन कर्मी का दर्जा दिया जाएगा।
  • कोविड नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कारर्वाई की जाएगी।