Election 2022 : क्या है चुनाव आचार संहिता, उसमें क्या क्या होते है प्रतिबंध और आचार संहिता के नियम क्या हैं।

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Election 2022: What is the election code of conduct, what are the restrictions and what are the rules of the code of conduct.

नई दिल्ली : 05 राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा 08 जनवरी को भारत के चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त सुशील चंद्रा ने की थी। ये चुनाव उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में 10 फरवरी से 07 मार्च तक होंगे।

उत्तर प्रदेश में जहां 07 चरणों में मतदान होना है, वहीं मणिपुर में दो चरणों में मतदान होना है। अन्य राज्यों में 14 फरवरी को मतदान होगा।

इन राज्यों में मतदान की तारीखों की घोषणा के दिन से ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी। देश में स्वतंत्र चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए नियमों यानी आचार संहिता का पालन करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

नियम तोड़ने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान है। आचार संहिता के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जो कई प्रकार की हो सकती है।

इसलिए नियमों को तोड़ा नहीं जाना चाहिए या नियम तोड़ने वालों की जानकारी सही विभाग तक पहुंचाई जा सकती है, इसके लिए हम जानते हैं कि आचार संहिता के नियम क्या हैं।

आदर्श आचार संहिता के कारण उन कार्यों पर रोक है, जो किसी भी तरह से चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। 

1. सार्वजनिक उद्घाटन, समापन शिलान्यास।
2. नए कार्यों की स्वीकृति रुकेगी।
3. सरकार की उपलब्धियों वाले होर्डिंग नहीं लगाए जाएंगे।
4. संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में कोई आधिकारिक दौरा नहीं होगा।
5. सरकारी वाहनों में सायरन नहीं लगाएंगे।
6. सरकार की उपलब्धियों को दर्शाने वाले होर्डिंग्स को हटाया जाएगा.
7. सरकारी भवनों में पीएम, सीएम, मंत्रियों, राजनीतिक व्यक्तियों की तस्वीरें प्रतिबंधित रहेंगी।
8. सरकार की उपलब्धियों वाले प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य मीडिया में विज्ञापन नहीं कर पाएंगे।
9. किसी भी प्रकार की रिश्वत या प्रलोभन से बचें। मत दो, मत लो।
10. सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय विशेष ध्यान रखें। आपकी एक पोस्ट आपको जेल भेजने के लिए काफी है।

इसलिए कोई भी मैसेज शेयर करने या लिखने से पहले आचार संहिता के नियमों को ध्यान से पढ़ लें।

आम आदमी पर लागू

अगर कोई आम आदमी भी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आचार संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यानी अगर आप अपने किसी नेता के प्रमोशन में लगे हैं तो भी आपको इन नियमों की जानकारी होनी चाहिए। यदि कोई राजनेता आपको इन नियमों के बाहर कार्य करने के लिए कहता है।

तो आप उसे आचार संहिता के बारे में बताकर ऐसा करने से मना कर सकते हैं। क्योंकि ऐसा करते पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ज्यादातर मामलों में आपको हिरासत में लिया जा सकता है।

मतदाताओं को रिझाने के लिए घोषणाएं नहीं कर सकती सरकार

राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं।

चुनाव आचार संहिता चुनाव आयोग द्वारा बनाया गया नियम है, जो हर पार्टी और हर उम्मीदवार के लिए जरूरी है। इनका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा हो सकती है। चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। एफआईआर हो सकती है और उम्मीदवार को जेल भी जाना पड़ सकता है।

यह काम वर्जित है

चुनाव के दौरान कोई भी मंत्री चुनाव के लिए आधिकारिक दौरे का उपयोग नहीं कर सकता है। सरकारी संसाधनों का किसी भी तरह से चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

यहां तक कि कोई सत्तारूढ़ नेता भी चुनाव के लिए सरकारी वाहनों और भवनों का उपयोग नहीं कर सकता है। केंद्र सरकार या किसी भी राज्य की सरकार न तो कोई घोषणा कर सकती है, न ही शिलान्यास कर सकती है और न ही उद्घाटन कर सकती है।

ऐसा आयोजन भी सरकारी खर्च से नहीं होता, जिससे किसी दल विशेष को लाभ हो। चुनाव आयोग इसकी निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है।

थाने में देनी होगी सूचना

उम्मीदवार और पार्टी को जुलूस निकालने या रैलियां और बैठकें करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होती है। इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन को भी देनी होगी। बैठक के स्थान और समय के बारे में पुलिस अधिकारियों को सूचित करना होगा।

तो कार्रवाई की जा सकती है

कोई भी दल या उम्मीदवार ऐसा काम नहीं कर सकता जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद और नफरत फैले। वोट पाने के लिए रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना महंगा पड़ सकता है। चुनाव आयोग व्यक्तिगत टिप्पणी करने के बाद भी कार्रवाई कर सकता है।

शराब या पैसे देनेपर पाबंदी

बिना किसी की अनुमति के उसकी दीवार या जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। मतदान के दिन मतदान केन्द्र से सौ मीटर के दायरे में प्रचार-प्रसार पर रोक तथा मतदान के एक दिन पूर्व किसी बैठक पर रोक।

पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान कोई भी सरकारी भर्ती नहीं की जाएगी। चुनाव के दौरान यह माना जाता है कि कई बार उम्मीदवार शराब का वितरण करते हैं, इसलिए आचार संहिता में उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को शराब का वितरण सख्त वर्जित है।

कोरोना के कारण क्या प्रतिबंध रहेंगे

कोरोना को देखते हुए जनता कर्फ्यू रहेगा। इसमें कोई भी प्रत्याशी रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक प्रचार नहीं कर सकेगा। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के केवल 30 स्टार प्रचारक होंगे, जो चुनाव के दौरान जगह-जगह बैठकें कर सकते हैं। छोटी पार्टियों में 15 स्टार प्रचारक होंगे।

क्या होगा दागी उम्मीदवारों का?

पार्टियों को अपने उम्मीदवारों और उम्मीदवारों को भी अपने आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा करना होगा। पार्टियों को अपनी वेबसाइट पर कारण बताना होगा कि उन्होंने दागी उम्मीदवारों को टिकट क्यों दिया। समाचार पत्रों और टीवी चैनलों को यह जानकारी कम से कम तीन बार देनी होगी। यह उम्मीदवारी तय करने के 48 घंटे के भीतर किया जाना है।