घर में लगे बिजली के मीटर बदले जायेंगे, मोबाइल की तरह करवाना होगा पहले रिचार्ज

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Electricity Meter | अगले तीन साल में सभी घरों में लगे Electricity Meter को स्मार्ट में बदलना है। Artificial Intellegence और Machine Learning का एक और बेहतरीन उदाहरण देखने को मिलेगा।

केन्द्र सरकार के गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जोधपुर डिस्कॉम ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।

डिस्कॉम के 10 जिलों में Jodhpur City ही एकमात्र ऐसा शहर हैं जहां अब तक 56 हजार से ज्यादा Smart Meter लग चुके हैं।

अब दो चरणों में करीब 40 लाख अन्य उपभोक्ताओं के मीटर भी बदले जाएंगे। खास बात यह है कि इसमें मोबाइल और केबल टीवी की तरह जितना रिचार्ज करवाएंगे उतनी ही बिजली मिलेगी।

उपभोक्ता खुद एप के जरिये खर्च की गई बिजली पर नियंत्रण रख सकेगा।

कृषि को छोड़ कर बदल जाएगी मीटरिंग व्यवस्था- अगले दो-तीन साल में हमारे घर पर बिजली मीटरिंग व्यवस्था बदल जाएगी।

जैसे मोबाइल व केबल टीवी में हर माह जितना रिचार्ज होता है, उतना ही चलती है। ठीक वैसे ही हमारे घरों की बिजली भी काम करेगी।

रिचार्ज खत्म होने पर बिजली गुल हो जाएगी और रिचार्ज करवाने पर स्वत: आ जाएगी। खुद ही अपने मीटर का डेटा भी देख सकेंगे।

इसलिए होने जा रहा बदलाव

रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत केन्द्र सरकार यह बदलाव पूरे देश में करने जा रही है।

इसमें मार्च 2025 तक पूरे देश के बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना है।

यह स्कीम देशभर के डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनके घाटे को कम करने के लिए लाई गई है।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता व डिस्कॉम को फायदा

  • विद्युत् उपभोग पर हर समय नजर व स्वयं का पूरा नियंत्रण रखा जा सकता है।
  • विद्युत संबंधी अलर्ट मोबाइल स्क्रीन पर।
  • सटीक मीटर रीडिंग किसी भी प्रकार की कोई गडबडी की आशंका नहीं।
  • प्री-पेड सुविधा से रिचार्जिंग की सुविधा, बिल न भरने की स्थिति में विद्युत स्वतः विच्छेद एवं बिल भरने के पश्चात् स्वतः विद्युत सप्लाई चालू हो जाएगी।
  • बिजली चोरी रुकने से डिस्कॉम के घाटे कम होंगे।

दो चरणों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य होगा। पहले 2023 तक 15 लाख ऐसे क्षेत्रों में मीटर बदले जाएंगे जहां बिजली लॉसेज सबसे ज्यादा होते हैं।

इसके बाद 2025 के मार्च माह तक सभी कनेक्शन के मीटर बदल जाएंगे।