अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब हुई | राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग लगाने से “भारत की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है।”

इस पर राहुल गांधी ने कहा कि बिल्कुल भारत की प्रतिष्ठा में भारी गिरावट आई है। न केवल हम अपने किसानों के साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं, बल्कि हम अपने लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, हम पत्रकारों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।” इस पर सवाल उठता है।

उनसे एक सवाल पूछा गया था कि क्या दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेंडिक लगाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर भारत की छवि खराब हुई है।

किसानों के विरोध को विदेशों से भी समर्थन

किसान यूनियनों ने शनिवार को तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों की देशव्यापी नाकेबंदी की घोषणा की है। वे अपने आंदोलन स्थलों के पास के इलाकों में इंटरनेट प्रतिबंध के विरोध में इसे ब्लॉक करेंगे।

राहुल ने केंद्र सरकार को दो साल के लिए तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को स्थगित करने की मोदी सरकार की पेशकश पर सवाल उठाया, जिससे केंद्र को इस मामले पर अपना रुख सुनिश्चित करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल करने की आवश्यकता है। सरकार को किसानों की आवाज सुननी चाहिए क्योंकि वे “यहां रहने के लिए हैं”।

मंगलवार को, राहुल ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष कर ट्वीट किया था “मोदी शासन की शैली- उन्हें चुप करो, उन्हें काटो, उन्हें कुचल डालो।”

दिल्ली के गाजीपुर, सिंघू और टिकरी सीमाओं पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर रखा है। यहां पर कटीले तारों और किलों को जरिए रास्ते को पूरी तरह से जाम कर दिया गया है।

राहुल गांधी ने कहा,’पीएम का प्रस्ताव है कि दो साल तक कानून को स्थगित करा जाएगा। इसका क्या मतलब है? या तो आप मानते हैं कि आपको कानूनों से छुटकारा पाने की जरूरत है या आप नहीं करेंगे।

 

उन्होंने आगे सवाल किया कि क्यों राष्ट्रीय राजधानी को एक किले में बदला गया है, जब यह किसानों द्वारा घिरा हुआ है जो नागरिकों को जीविका प्रदान करते हैं।

आश्चर्य है कि सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए आंदोलनकारी किसानों के साथ बात करने के लिए उत्सुक क्यों नहीं है। उन्होंने भारत के लिए स्थिति को “अच्छा नहीं” करार दिया।

इससे पहले बजट 2021 को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार भारत की 99 प्रतिशत आबादी को सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “लेकिन यह बजट एक फीसदी आबादी का है।”

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