ससुराल से भागकर मायके पहुंची और महिला बोली ‘हिंदू हूं, वहीं रहूंगी’

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कुछ महीने बाद वह कहने लगा कि उर्दू और अरबी सीखो, घर के सारे लोग भी जबरदस्ती करने लगे।

डिंडोरी : मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार एक तरफ जहां लव-जिहाद के खिलाफ कानून बनाने पर विचार कर रही है।

वहीं प्रदेश में कुछ ऐसे मामले आ रहे हैं जो जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन भाषा सीखने को लेकर दबाव बनाने वाले हैं।

ऐसा ही एक मामला शहडोल जिले के धमतरी थाना क्षेत्र से आया है। जहां दो वर्ष पहले एक मुस्लिम लड़के से शादी करने वाली लड़की ने धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। फिलहाल लड़की की शिकायत पर उसके पति इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया है.

2018 में हुई थी शादी

पीड़ित लड़की ने बताया कि दो साल पहले मैंने दूसरे समुदाय के लड़के से इस्लामिक रीति रिवाज से शादी कर ली थी।

कुछ महीने बाद वह कहने लगा कि उर्दू और अरबी सीखो. घर के सारे लोग भी जबरदस्ती करने लगे।

प्रेशर डालने लगे, जिससे परेशान होकर मैं अपने मां-बाप के पास आ गई हूं। मैं हिंदू लड़की हूं, वह मुस्लिम लड़का है. मेरे मोहल्ले का ही है, उसका नाम इरशाद है।

उस समय मैं नासमझ थी, पता नहीं मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा था कि उससे शादी कर ली.

हिंदू धर्म में रहना चाहती हूं

पीड़ित लड़की ने कहा कि मुझे उसका ​रीति रिवाज अच्छा नहीं लगा। मेरा पति कहता था उर्दू पढ़ो, अरबी पढ़ो. इसके लिए उसने मुझे कुछ किताबें भी दी थीं।

लड़की ने एक ताबीज दिखाते हुए कहा कि- ये ताबीज है, जबसे हम गए हैं घर छोड़कर तबसे हमारे गले में है. पिछले महीने उसने मुझे एक दूसरी ताबीज पहना दी।

अभी और बनने वाली थी। बोलता था ये हिफाजत के लिए है तुम्हारी, इसको पहने रखना। तुमको जादू-टोना नहीं लगेगा। तुम्हारे मां-बाप कुछ करेंगे तो असर नहीं होगा।

वहीं, मामले में जब शहडोल के एसडीओपी भरत दुबे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन कराने की एक लड़की ने लिखित तहरीर दी है।

ल़ड़की का कहना है कि उसका पति जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता है, जिसकी वजह से वह अपने मां-बाप के घर आ गई है।

लड़की की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 498-ए के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।