Maharashtra Politics : कौन हैं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे, जिनकी वजह से सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी डगमगा रही है?

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Maharashtra Politics: Who is Shiv Sena leader Eknath Shinde, because of whom CM Uddhav Thackeray's chair is staggering?

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राज्य के राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि, उद्धव सरकार के मंत्री शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे अपने कई विधायकों के साथ कथित तौर पर महाराष्ट्र से बाहर चले गए हैं।

दावा है कि एकनाथ शिंदे गुजरात के सूरत में करीब 29 विधायकों के साथ हैं। एकनाथ शिंदे और विधायकों के फोन भी ‘नॉट रीचेबल’ बताए जा रहे हैं।

एकनाथ शिंदे के इस कदम का असर यह है कि राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल समेत कई मंत्री अपने कार्यक्रम रद्द कर राजधानी मुंबई पहुंच रहे हैं।

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार दोपहर 12 बजे सरकारी आवास वर्षा में बैठक बुलाई है। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये एकनाथ शिंदे, जिनके इस कदम से महाराष्ट्र की सियासत में अचानक से हलचल मच गई है।

कौन हैं एकनाथ शिंदे?

राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार में सदन के नेता एकनाथ शिंदे 2014 से 2019 तक भाजपा-शिवसेना सरकार में मंत्री थे। ठाणे जिले के कोपरी पंचपखाड़ी से विधायक एकनाथ शिंदे विपक्ष के नेता भी थे।

साल 2014 अक्टूबर से दिसंबर 2014 तक। इतना ही नहीं साल 2019 में जब शिवसेना ने बीजेपी को पछाड़कर एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।

तब उद्धव ठाकरे के बेटे और राज्य में पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को सदन के नेता बनाने का प्रस्ताव रखा था।

क्या है एकनाथ शिंदे की नाराजगी?

माना जाता है कि एकनाथ शिंदे को शिवसेना आलाकमान से कोई नाराजगी नहीं है। इससे पहले भी जब शिवसेना और बीजेपी की गठबंधन सरकार थी।

तब भी उनकी नाराजगी की खबरें आती थीं, उस वक्त कहा जा रहा था कि वह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने उन दावों को खारिज कर दिया।

दो बार मंत्री

खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार में शहरी विकास मंत्री शिंदे ने 1980 में एक शाखा प्रमुख के रूप में शिवसेना के साथ हाथ मिलाया था और अब पार्टी में उनकी विशेष पकड़ है।

इतने सालों से पार्टी से जुड़े रहे शिंदे के बारे में ऐसी खबर सुनकर हैरानी भी होती है, वफादार शिवसैनिक के तौर पर पहचाने जाने वाले शिंदे पार्टी के लिए जेल भी जा चुके हैं।

अगर राजनीतिक करियर की बात करें तो शिंदे कोपरी-पंचपखाड़ी सीट से 4 बार विधायक चुने जा चुके हैं। साथ ही वह 2014 और 2019 दोनों सरकारों में मंत्री भी रह चुके हैं।

इससे पहले 2004 और 2009 में भी वह विधायक थे। उन्होंने 1997 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया, जब वे ठाणे निगम के नगरसेवक चुने गए।

इसके बाद उन्होंने ठाणे नगर निगम में कई पदों पर कार्य किया और फिर 2004 में विधायक के रूप में राज्य की राजनीति में आए।

महाराष्ट्र में सीट अंकगणित क्या है?

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में 288 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा 145 है। साल 2019 में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं।

ऐसे में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने मिलकर सरकार बनाई है, इसके अलावा सरकार के पास कुल 169 विधायकों का समर्थन है, जिसमें अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है।

चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना साथ थे और ऐसे में दोनों के पास बहुमत के आंकड़े थे। अब बताया जा रहा है कि बीजेपी को सरकार बनाने के लिए 40 सीटों की जरूरत है।

हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के बाद लगता है कि बीजेपी के पास अब 134 विधायकों का समर्थन है। यानी बहुमत हासिल करने के लिए उसे अब 11 विधायकों की जरूरत है और अगर शिवसेना टूट जाती है तो बीजेपी फिर से अपनी राजनीती कि बिसात खेल सकती है।