Sugar Exports : मार्केटिंग ईयर 2021-22 में 90 लाख टन का हो सकता है चीनी निर्यात, ISMA ने लगाया अनुमान

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Sugar Exports: Sugar exports may be 9 million tonnes in the marketing year 2021-22, ISMA estimates

नई दिल्ली। उद्योग निकाय इस्मा के अनुसार, बांग्लादेश और इंडोनेशिया में बेहतर मांग पर भारतीय चीनी निर्यात सितंबर में समाप्त होने वाले मौजूदा विपणन वर्ष में बढ़कर 90 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 71-72 लाख टन था।

चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने कहा, बाजार की रिपोर्ट और बंदरगाह की जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग 80 लाख टन चीनी निर्यात का अनुबंध किया गया है।

इसमें से लगभग 57.17 लाख टन चीनी अक्टूबर 2021 से मार्च 2022 की अवधि के लिए है। इसी अवधि के दौरान, पिछले चीनी वर्ष में लगभग 31.85 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया था।

अप्रैल 2022 में लगभग 7-8 लाख टन चीनी का निर्यात किया जाना है। चालू वर्ष में प्रमुख निर्यात गंतव्य इंडोनेशिया और बांग्लादेश हैं, जो कुल निर्यात के 48 प्रतिशत की तुलना में कुल निर्यात का लगभग 44 प्रतिशत है।

पिछले साल इसी अवधि के दौरान इंडोनेशिया और अफगानिस्तान को सामूहिक रूप से कुल निर्यात का 48 प्रतिशत हिस्सा गया था।

इस्मा ने कहा कि उसने 2021-22 के विपणन वर्ष के लिए अपने उत्पादन अनुमान को संशोधित कर 350 लाख टन कर दिया है।

इसने अपने निर्यात अनुमानों को संशोधित कर 9 मिलियन टन से अधिक कर दिया। उपरोक्त और 272 लाख टन की घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए, 30 सितंबर 2022 को चीनी सीजन के अंत में 68 लाख टन का समापन शेष होगा।

हाल ही में खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा था कि, भारत का चीनी निर्यात सितंबर में समाप्त होने वाले मौजूदा 2021-22 विपणन वर्ष में पिछले साल के स्तर से 80 लाख टन को पार कर सकता है। विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान देश ने रिकॉर्ड 72.3 लाख टन चीनी का निर्यात किया था।

उत्पादन के संबंध में, इस्मा ने कहा कि मिलों ने चालू 2021-22 विपणन वर्ष में 15 अप्रैल तक 329.91 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है।

जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 291.82 लाख टन था। महाराष्ट्र में 15 अप्रैल तक चीनी का उत्पादन 126.48 लाख टन था, जो पिछले विपणन वर्ष की इसी अवधि में 103.95 लाख टन था।

वहीं, समीक्षाधीन अवधि में उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 100.86 लाख टन से घटकर 94.41 लाख टन हो गया।